बागी कुमार वर्मा : सुख गया फुलवा रह गया ‘सुवास’
राजद के वरिष्ठ एवं संघर्षशील नेता, बड़े भाई आदरणीय बागी कुमार वर्मा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। यह यकीन करना बेहद मुश्किल है कि हम…
राजद के वरिष्ठ एवं संघर्षशील नेता, बड़े भाई आदरणीय बागी कुमार वर्मा जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। यह यकीन करना बेहद मुश्किल है कि हम…
वो सिर्फ बेटा नहीं था- वो मेरा दोस्त था, मेरी शान था। तुम्हारे बिना ज़िंदगी हमेशा अधूरी रहेगी, लेकिन तुम्हारे सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा।
एक तरफ कुर्मी समाज अपने चरम सीमा पर पहुंच गया, वहीं कुशवाहा समाज अपने ठगा और पिछलग्गू मानता है। 2005 से कुशवाहा वोट नीतीश कुमार के साथ रहा है।
कोई मुख से जन्म लेता है, कोई भुजाओं से और कोई पेट से जन्म लेता है, लेकिन हम लोग तो मां की कोख से जन्म लेते हैं। इसलिए हम इंसान…
नेताओं को बिहार और बिहारी की चिंता नहीं है, चिंता तो मात्र अपनी कुर्सी की है। बिहार की बेटियों का कीमत तय करना कितनी शर्मसार करने वाली बात है।
दिवंगत ‘स्नेहा कुशवाहा’ की माँ की आड़ में सहानुभूति की राजनीति करनेवाले तेजस्वी ने कॉमरेड चंद्रशेखर के नामजद हत्यारे को राजद ने संरक्षण दिया था
17 से ज्यादा देशों ने अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना की है। यह कदम वेनेजुएला की संप्रभुता पर सीधा हमला है और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।
वर्ष 2025 का अस्तित्व अब कैलेण्डर में कैद हो गया। ---नूतन के स्वागत् में हम पुरातन को भूलना चाहते हैं। पर, ---क्या अतीत को मिटानाआसान है?
कन्हैया, पप्पू यादव और भाई-बहनों को साइडलाइन और लालू प्रसाद को पोस्टर से हटाते ही खुद राजनीति के अहम मंच से हाशिये पर चले गए तेजस्वी प्रसाद।
लालू जी की तरह आपने कब कार्यकर्ता से मिलने के लिए अपना दरवाजा खोला? क्या आपसे मिलने के लिए संजय यादव आदि से बात करके गिड़गिड़ाना नहीं पड़ता था?