आज मेरी जिंदगी का सबसे बुरा दिन है …बहुत जल्दी छोड़कर चला गया
वो सिर्फ बेटा नहीं था- वो मेरा दोस्त था, मेरी शान था। तुम्हारे बिना ज़िंदगी हमेशा अधूरी रहेगी, लेकिन तुम्हारे सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा।
वो सिर्फ बेटा नहीं था- वो मेरा दोस्त था, मेरी शान था। तुम्हारे बिना ज़िंदगी हमेशा अधूरी रहेगी, लेकिन तुम्हारे सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा।
एक तरफ कुर्मी समाज अपने चरम सीमा पर पहुंच गया, वहीं कुशवाहा समाज अपने ठगा और पिछलग्गू मानता है। 2005 से कुशवाहा वोट नीतीश कुमार के साथ रहा है।
कोई मुख से जन्म लेता है, कोई भुजाओं से और कोई पेट से जन्म लेता है, लेकिन हम लोग तो मां की कोख से जन्म लेते हैं। इसलिए हम इंसान…
नेताओं को बिहार और बिहारी की चिंता नहीं है, चिंता तो मात्र अपनी कुर्सी की है। बिहार की बेटियों का कीमत तय करना कितनी शर्मसार करने वाली बात है।