
दिवंगत ‘स्नेहा कुशवाहा’ की माँ की आड़ में सहानुभूति की राजनीति करनेवाले तेजस्वी ने कॉमरेड चंद्रशेखर के नामजद हत्यारे को संरक्षण दिया था
कुशवाहा समाज के उभरते नायक कॉमरेड चंद्रशेखर (चंदू) के नामजद हत्यारे को राजद ने संरक्षण दिया, यह कुशवाहा समाज कभी भूल सकता है? आज भी शहाबुद्दीन के बेटे के साथ तेजस्वी गलबहियां कर उसे अपना खास अजीज बनाए हुए हैं। विचारधारा की राजनीति करने की बात करने वाली वामपंथी पार्टियां भी ‘चंदू’ के हत्यारों के साथ गठबंधन कर सत्ता-सुख
में लिप्त हैं।

29 वर्षों से राजद के प्रदेश कार्यालय सचिव रहे चंद्रेश्वर कुशवाहा को राजद के प्रदेश अध्यक्ष नेअपमानित कर निकाल दिया था

तेजस्वी प्रसाद का असली चेहरा तब दिख गया जब, 29 वर्षों से राजद के प्रदेश कार्यालय सचिव रहे चंद्रेश्वर कुशवाहा को राजद के प्रदेश अध्यक्ष नेअपमानित कर निकाल दिया था। तेजस्वी प्रसाद से दर्जनों बार गुहार लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं
हुई और न उन्हें ससम्मान पुनः बहाल किया गया। आलोक मेहता भी अपनी विवशता जाहिर कर मौन साधे रहे। जबकि, तेजप्रताप जी ने चंद्रेश्वर कुशवाहा के समर्थन में आवाज उठायी थी। अंततः लाचारी में चंद्रेश्वर कुशवाहा स्वतः राजद कार्यालय जाना पुनः आरंभ किए।
आलोक कुमार मेहता की ‘चरित्र-हत्या’ को कुशवाहा समाज ने गंभीरता से लिया
आलोक कुमार मेहता पर जब C.O. पद-स्थापना में सवाल खड़ा हुआ तो तेजस्वी प्रसाद ने एक बार भी मुंह नहीं खोला। यह एक बड़ी साजिश हो सकती है। जबकि, कुशवाहा समाज तेजस्वी यादव से इस मामले पर टिप्पणी चाहता था। आलोक कुमार
मेहता की ‘चरित्र-हत्या’ को कुशवाहा समाज ने गंभीरता से लिया।

जातीय गणना में कुशवाहा जाति की संख्या कम करके 4.2 दिखाई गई
इसी तरह साजिशन बिहार में महागठबंधन द्वारा जातीय गणना में कुशवाहा जाति की संख्या कम करके 4-2 दिखाई गई। जबकि, कुशवाहा समाज, बिहार की जनता, मीडिया सहित पक्ष-विपक्ष तक जानता है कि बिहार में मुस्लिम और यादव के बाद
कुशवाहों की ही आबादी सबसे अधिक है। कुशवाहा आबादी की बहुलता पूरे बिहार में देखी जा सकती है।

उप मुख्यमंत्री के तौर पर नाम नहीं लेने और हेलीकॉप्टर द्वारा प्रचार में आलोक कुमार मेहता को न दिखना, कुशवाहा समाज को नागवार गुजरा
2025 के बिहार विधान सभा चुनाव प्रचार के समय तेजस्वी प्रसाद द्वारा, राजद में एकमात्र कुशवाहा समाज के वरीय नेता होने के बावजूद आलोक कुमार मेहता को न उप मुख्यमंत्री के तौर पर नाम लिया गया और न ही हेलीकॉप्टर द्वारा प्रचार में साथ रखा गया। दूसरे-तीसरे नेता तो दिखे, लेकिन आलोक कुमार मेहता को न दिखना, कुशवाहा समाज को नागवार गुजरा। इसके पीछे तर्क दिया गया कि उन्हें अपने क्षेत्र में स्वयं के लिए प्रचार करना है। तेजस्वी प्रसाद के एक खास नेता द्वारा आलोक मेहता जी के बारे में खुलेआम कहना कि-‘‘राजद ने आलोक मेहता को कुशवाहा नेता के रूप में एग्रीमेंट थोड़े करा रखा है।’’ भी ‘वोटबैंक’ पर असर डाला।
2016 में नवादा विधानसभा की पीड़ित नाबालिग बच्ची ने न्याय हेतु तेजस्वी सरकार से गुहार लगाई थी
तेजस्वी प्रसाद के पार्टी के ही एक जाति-विशेष के दो राजद विधायकों पर बलात्कार का आरोप लगा। 2016 में नवादा विधानसभा की पीड़ित नाबालिग बच्ची ने न्याय हेतु तेजस्वी सरकार से गुहार लगाई थी। क्या तेजस्वी प्रसाद बलात्कार की पीड़ित
उस बच्ची से मिले, उसके परिजनों की सुधि ली? इसके विपरीत, तेजस्वी ने आरोपी के पत्नी को ही राजद से टिकट देकर, बलात्कार का आरोप लगानेवाली बच्ची के मुंह पर करारा तमाचा मारा था।

बलात्कार के आरोपी की पत्नी को राजद का विधायक बनाकर, तेजस्वी ने साबित कर दिया कि ‘माई बहिन मान योजना’ एक ढोंग है
इसी तरह, संदेश विधानसभा के राजद के एक विधायक पर बलात्कार का मुख्य आरोपी होने पर, तब तेजस्वी प्रसाद ने विधायक की पत्नी को दो बार विधायक बनाया। बलात्कार के आरोपी की पत्नी को राजद का विधायक बनाकर, तेजस्वी ने साबित कर
दिया कि ‘माई बहिन मान योजना’ एक ढोंग है। तेजस्वी यादव बलात्कार की पीड़ित महिलाओं को कितना आदर-सम्मान देते हैं, इससे पता चलता है।

सिवान के पत्रकार राजदेव रंजन की पत्नी ने सीवान के बाहुबली और लालू यादव के ‘खास’ पर हत्या करवाने का आरोप लगाया था
— और तो और तेजस्वी के कार्यकाल में ही 13 मई 2016 में सिवान के यादव समाज के ही पत्रकार राजदेव रंजन की दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई थी। राजदेव की पत्नी ने सीवान के बाहुबली और लालू यादव के ‘खास’ पर हत्या करवाने का आरोप लगाया था। —तब राजदेव की पत्नी को न्याय दिलाने के समय बिहार के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद कहां थे?