जब मैं बूढ़ा हो जाऊँगा : मेरा हाथ मुट्ठी में भर लेना, मुझे सृष्टा दिखाई दे जाएँगे
बूढ़े लोग सब समय ख़ुद को उपेक्षित महसूस करते रहते हैं। कुदरत के नियम से मैं भी बुढ़ा गया हूँ। मुझे मेरे सृष्टा दिखाई दे जाएँगे।
बूढ़े लोग सब समय ख़ुद को उपेक्षित महसूस करते रहते हैं। कुदरत के नियम से मैं भी बुढ़ा गया हूँ। मुझे मेरे सृष्टा दिखाई दे जाएँगे।
दाखिल-खारिज व अन्य ऑनलाईन सेवा हेतु एकीकृत पोर्टल आरम्भ। 16.50 करोड़ रूपये की लागत से सॉफ्टवेयर आई0आई0टी0 रूड़की द्वारा विकसित।
लालू प्रसाद की राजनीति को खिसकते और निष्प्रभावी होते तो देखते हैं, मगर 5 दशकों की राजनीति में उन्हें टूटते-बिखरते नहीं देखा।
धरती कहे पुकार के : विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष विख्यात विज्ञान पत्रिका ‘नेचर’ रिसर्च में इसका जिक्र है। जिसमें कहा गया है कि अल-नीनो से प्रभावित देशों में आंतरिक…
'अभियान बसेरा' के तहत महादलित, दलित और पिछड़ा वर्ग के उन लोगों को वास भूमि दी जाती है जिनके पास घर बनाने के लिए जमीन का टुकड़ा नहीं है।
आरसीपी सिंह को आगे कर श्रवण कुमार की हकमारी हुई थी। जबकि, आरसीपी सिंह, नीतीश समर्थकों को पार्टी से दूर ही करते रहे।
बाज़ ने 10,000 किलोमीटर की दूरी 42 दिनों में औसतन 230 किमी प्रतिदिन उड़ान भरी। जब वह पानी के बड़े हिस्से के सामने आता तो वह रास्ता बदल लेता।
नीतीश कुमार ने लव-कुश के सहारे लालू प्रसाद को चुनौती दी थी। लव-कुश फॉर्मूले के सहारे ही लालू प्रसाद के दुर्ग को भेदने में सफल हो सके थे।
अशोक स्तंभ को भारत का राजकीय प्रतीक माना गया है। नए संसद भवन में 'अशोक स्तम्भ' की जगह चोल वंश का 'सेंगोल' देकर क्या संदेश देना चाहते है?