जब मैं बूढ़ा हो जाऊँगा : मेरा हाथ मुट्ठी में भर लेना, मुझे सृष्टा दिखाई दे जाएँगे
बूढ़े लोग सब समय ख़ुद को उपेक्षित महसूस करते रहते हैं। कुदरत के नियम से मैं भी बुढ़ा गया हूँ। मुझे मेरे सृष्टा दिखाई दे जाएँगे।
बूढ़े लोग सब समय ख़ुद को उपेक्षित महसूस करते रहते हैं। कुदरत के नियम से मैं भी बुढ़ा गया हूँ। मुझे मेरे सृष्टा दिखाई दे जाएँगे।
दाखिल-खारिज व अन्य ऑनलाईन सेवा हेतु एकीकृत पोर्टल आरम्भ। 16.50 करोड़ रूपये की लागत से सॉफ्टवेयर आई0आई0टी0 रूड़की द्वारा विकसित।
लालू प्रसाद की राजनीति को खिसकते और निष्प्रभावी होते तो देखते हैं, मगर 5 दशकों की राजनीति में उन्हें टूटते-बिखरते नहीं देखा।
धरती कहे पुकार के : विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष विख्यात विज्ञान पत्रिका ‘नेचर’ रिसर्च में इसका जिक्र है। जिसमें कहा गया है कि अल-नीनो से प्रभावित देशों में आंतरिक…
'अभियान बसेरा' के तहत महादलित, दलित और पिछड़ा वर्ग के उन लोगों को वास भूमि दी जाती है जिनके पास घर बनाने के लिए जमीन का टुकड़ा नहीं है।