चीता आया, चीता आया …आख़िरकार चीते आ ही गए
सत्ता और शक्ति में चूर, भोग-विलास युक्त ऐश्वर्य का प्रतीक चीता की खालों को अपने सिंहासन पर बिछाकर बैठना सत्ताधीशों का प्रमुख शगल हुआ करता था।
सत्ता और शक्ति में चूर, भोग-विलास युक्त ऐश्वर्य का प्रतीक चीता की खालों को अपने सिंहासन पर बिछाकर बैठना सत्ताधीशों का प्रमुख शगल हुआ करता था।