
विजय सिन्हा ने प्रधानमंत्री मोदी से 45 मिनट लंबी मन्त्रणा की है। तो क्या सम्राट चौधरी की कुर्सी उखाड़ के छोड़ेंगे विजय सिन्हा ?
मीडिया के एक हिस्से में खबर चल रही है कि इस मन्त्रणा में- ” संगठनात्मक समीकरण और समसामयिक मुद्दों पर चर्चा की गई. इसके साथ ही आगे की राजनीतिक भूमिका और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा होने की बात कही जा रही।”
क्या सम्राट चौधरी की कुर्सी उखाड़ के छोड़ेंगे विजय सिन्हा ?
विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी एक दूसरे को फूटी आंख से भी नहीं सुहाते। इसकी सज़ा सम्राट ने, विजय सिन्हा से राजस्व एंव भूमि सुधार विभाग छीन कर दी। इसका खूब मलाल विजय सिन्हा को है।
सम्राट, नीतीश कुमार की पसंद हैं। उनके दाबाव में ही भाजपा ने उन्हें सीएम बनाया था, ऐसे संकेत ललन सिंह दे चुके हैं। उधर भाजपा के अंदरखाने में चर्चा है कि बीजेपी आलाकमान कत्तई सम्राट को सीएम की कुर्सी पर नहीं देखना चाहता। लेकिन परिस्थितियों ने वो होने नहीं दिया जो मोदी चाहते थे। लेकिन सम्राट आज नहीं तो कल जाएंगे, ऐसा विजय सिन्हा के करीबियों का विश्वास है।
जहां तक नरेंद्र मोदी की बात है, उन्होंने विजय सिन्हा को मिलने का समय दिया, यही विजय की बड़ी उपलब्धि है, और यही उनकी उम्मीदों को पुख्ता भी करता है।
इस सम्बंध में एक बात याद दिलाऊं के जब नीतीश पद छोड़ने से पहले मोदी-शाह से मिलने गये थे तो उनकी निर्धारित मीटिंग न तो मोदी से हुई न शाह से। इससे नाराज हो कर नीतीश, सम्राट चौधरी को साथ ले कर पटना के लिए उड़ गए थे। भाजपा आलाकमान और नीतीश के बीच, सीएम कुर्सी को ले कर यह बड़े खींचतान के रूप में देखा गया था।
लेकिन अब सूत्र यहां तक बता रहे हैं कि सम्राट की कुर्सी उलटने के लिए, अमित शाह को खुली छूट दी जा सकती है।
लेकिन , जदयू , बिहार से ले कर दिल्ली तक अपनी बैसाखी पर दोनों सरकारों को चला रहा है। ऐसे में यह खेल कब और किस रूप में होगा यह कहना फिलहाल मुश्किल है। उधर जदयू के कुछ टॉप नेता जिस तरह से अमित शाह की दरबारी में लगे हैं उससे यह आशंका और बढ़ जाती है।































