
विकास और सुशासन की नई पहल
बिहार में सम्राट सरकार ने अपने कार्यकाल का एक महीना पूरा करते हुए विकास, शिक्षा, सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े सात बड़े फैसलों की घोषणा की है। सरकार का दावा है कि “न्याय के साथ विकास” और “समृद्ध बिहार” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए इन निर्णयों से राज्य को विकसित, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी आएगी।
1. 11 जिलों में बनेगी सैटेलाइट टाउनशिप
सरकार ने 11 जिलों में आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना तैयार की है। इन टाउनशिप में कॉलोनी, बाजार, चौड़ी सड़कें और हरियाली की व्यवस्था होगी। इससे शहरों पर दबाव कम होगा और लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिलेंगी।
2. महिला सुरक्षा के लिए “पुलिस दीदी” योजना
महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 1500 स्कूटी महिला पुलिसकर्मियों के लिए खरीदी जाएंगी। इनकी तैनाती स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों के आसपास की जाएगी, ताकि छेड़खानी और महिला अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
3. “सहयोग की त्रिवेणी” अभियान शुरू
जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हेल्पलाइन 1100, ऑनलाइन पोर्टल और मासिक सहयोग शिविर की व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि शिकायतों का निपटारा 30 दिनों के भीतर हो तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
4. हर प्रखंड में एक मॉडल स्कूल
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रत्येक प्रखंड में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना और हजारों शिक्षकों के पद सृजित करने की भी योजना है।
5. निजी विद्यालयों की मनमानी पर सख्ती
सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि और अनावश्यक शुल्क वसूली पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। फीस संबंधी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा तथा किताब-कॉपी खरीदने की स्वतंत्रता अभिभावकों को दी जाएगी। नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
6. बिहारी संवेदकों को प्राथमिकता
50 करोड़ रुपये तक की राज्याधीन सिविल परियोजनाओं में बिहार के संवेदकों को प्राथमिकता देने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं और व्यवसायियों को अधिक अवसर मिलेंगे तथा राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
7. ई-निबंधन व्यवस्था लागू
जमीन और संपत्ति के रजिस्ट्रेशन को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए ई-निबंधन व्यवस्था शुरू की गई है। इससे भ्रष्टाचार में कमी, समय की बचत और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे रजिस्ट्रेशन सुविधा देने की भी तैयारी है।
सरकार ने इन सभी फैसलों को “भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस” नीति का हिस्सा बताया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शुरुआती एक महीने में लिए गए ये फैसले आने वाले समय में सरकार की कार्यशैली और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेंगे।























