
4 अगस्त शुक्रवार को समस्तीपुर रेल्वे स्टेशन पर 8 ट्रॉली और 2 बैग में डेढ़ लाख रुपये के साथ सूटकेस में 75 लीटर विदेशी शराब के साथ बहन के देवर ईशान के साथ गिरफ्तार यह मासूम लड़की समस्तीपुर जिला के सिंधिया थाना क्षेत्र की संजय कुमार झा की बेटी नेहा झा निकली। नेहा झा बड़े बड़े लोगों और डॉक्टरों तक शराब सप्लाई करती थी।
नेहा झा की एक बड़ी बहन निशु झा को दरभंगा पुलिस शराब के तस्करी में दो बार जेल भेज चुकी है। इसके पिता संजय कुमार झा को भी शराब तस्करी मामले में जेल भेज चुकी है। शराब तस्करी के मामले में नेहा झा का बहन निशु है असली खिलाड़ी। पूरा परिवार मिलकर करता है शराब तस्करी का अवैध धंधा करता है।
गलत काम का समर्थन नहीं होना चाहिए, गलत को गलत कहिए, लेकिन मजबूरी को समझे बिना किसी इंसान को दोषी ठहराना भी इंसाफ नहीं है। इस मासूम चेहरे के पीछे की कहानी भी कभी समझने की कोशिश कीजिए। फैसला सुनाना कानून का काम है, हमारा नहीं।
नेहा झा ने जो किया है वो निश्चित रूप से अपराध है और इसकी सजा कानून के अनुसार उसे जरूर मिलेगी, …और मिलना भी चाहिए ! परंतु सोशल मीडिया मे जिस प्रकार से इस लड़की के बारे में घटिया कमेंट किये जा रहे हैं घटिया शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, गाली दिया जा रहा है वो पूरी तरह गलत है! मैं इसकी घोर निंदा करता हूँ!
नेहा झा ने कोई मर्डर नही किया है, किसी का धन नही चुराई है! … शराब की तस्करी कोई जघन्य और घिनौना अपराध भी नही है जिसके लिए इतने घटिया शब्दों का इस्तेमाल किया जाय और गाली गलौज किया जाए! सरकारी अधिकारियों और बड़े-बड़े लोगों के यहां करोड़ों रुपये पकड़े जाते हैं, भ्रष्टाचार के मामले सामने आते हैं, तब व्यवस्था पर उतनी कठोरता दिखाई नहीं देती।
































