
कातिबों की हड़ताल का नया अपडेट
31 अगस्त को पटना हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में अदालत ने सभी मामलों पर एक साथ विचार करने के लिए अगली तारीख 11 सितंबर तय कर दी है, जिससे कातिबों की हड़ताल और विरोध प्रदर्शन फिलहाल जारी रहेगा।
31 अगस्त को पटना हाईकोर्ट में क्या हुआ?
अंतरिम आदेश की उम्मीद के बीच अदालत ने बिहार के अलग-अलग जिलों से दायर याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करने के लिए अगली तारीख 11 सितंबर निर्धारित कर दी। इससे आंदोलन के तत्काल खत्म होने की संभावना फिलहाल टल गई है। बिहार सरकार की ओर से जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस (डिजिटल) बनाने के खिलाफ राज्यभर के निबंधन कार्यालयों में कातिबों और स्टांप वेंडरों का विरोध-प्रदर्शन जारी है।

अब सभी की निगाहें 11 सितंबर को होने वाली हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है
पेपरलेस रजिस्ट्री के विरोध में कातिब 3 अगस्त से हड़ताल पर हैं। कातिबों की मांग है कि नई पेपरलेस ऑनलाइन व्यवस्था के साथ पुरानी ऑफलाइन व्यवस्था भी बहाल की जाए. डिजिटल प्रणाली और ओटीपी आधारित व्यवस्था से कामकाज प्रभावित होने और रोजगार छिनने का हवाला देकर कातिब अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अब सभी की निगाहें 11 सितंबर को होने वाली हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
कातिबों की मांग है कि नई पेपरलेस ऑनलाइन व्यवस्था के साथ पुरानी ऑफलाइन व्यवस्था भी जारी रखी जाए
मोतिहारी में जमीन की खरीद-बिक्री के लिए रजिस्ट्री कार्यालय पहुंच रहे लोगों को पिछले 31 दिनों से बैरंग लौटना पड़ रहा है। पेपरलेस रजिस्ट्री के विरोध में कातिब 3 अगस्त से हड़ताल पर हैं। कातिबों की मांग है कि नई पेपरलेस ऑनलाइन व्यवस्था के साथ पुरानी ऑफलाइन व्यवस्था भी जारी रखी जाए। हड़ताल लंबी खिंचने से इसका सीधा असर जमीन खरीदने और बेचने वालों पर पड़ रहा है।

हड़ताल लंबी खिंचने से इसका सीधा असर जमीन खरीदने और बेचने वालों पर पड़ रहा है
दूर-दराज से जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोग कागजात और तैयारी के साथ कार्यालय तो पहुंच रहे हैं, लेकिन कातिबों की सेवा नहीं मिलने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। कातिब संघ की ओर से पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है।
जिला अवर निबंधन कार्यालय ने लोगों की परेशानी कम करने के लिए हेल्प डेस्क शुरू किया है
ऐसे में अब कातिबों की हड़ताल और पेपरलेस रजिस्ट्री को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ गया है। लगातार हड़ताल को देखते हुए अब जिला अवर निबंधन कार्यालय ने लोगों की परेशानी कम करने के लिए हेल्प डेस्क शुरू किया है। डेस्क पर दो डेटा ऑपरेटरों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

ये ऑपरेटर जमीन खरीदने और बेचने वाले लोगों को नई पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था की पूरी प्रक्रिया समझा रहे हैं। विभाग का फोकस लोगों की उस आशंका को दूर करने पर भी है कि ऑनलाइन पेपरलेस व्यवस्था जटिल है और इसमें गलती होने पर रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी। लोगों को बताया जा रहा है कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर रजिस्ट्री कराई जा सकती है।
मोतिहारी में प्रतिदिन 8-10 रजिस्ट्री शुरू हो गई हैं और आने वाले कुछ दिनों में व्यवस्था सामान्य हो जाएगी
जिला अवर निबंधक (मोतिहारी) योगेश त्रिपाठी के अनुसार, ”कातिबों की हड़ताल को देखते हुए तत्काल हेल्प डेस्क चालू किया गया है। यहां दो डेटा ऑपरेटरों की प्रतिनियुक्ति की गई है। विक्रेता की आईडी भी कार्यालय में बना दी जाती है। साथ ही मॉडल डीड की कॉपी दी जा रही है, जिसके आधार पर लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अब लोगों में धीरे-धीरे जागरूकता आ रही है और प्रतिदिन 8-10 रजिस्ट्री शुरू हो गई हैं। आने वाले कुछ दिनों में व्यवस्था सामान्य हो जाएगी।”

अब विभाग वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए रजिस्ट्री का काम सामान्य करने की कोशिश कर रहा है
3 अगस्त से शुरू हुई कातिबों की हड़ताल के बाद अब विभाग वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए रजिस्ट्री का काम सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। जिला अवर निबंधक के अनुसार लोगों में नई व्यवस्था को लेकर धीरे-धीरे जागरूकता बढ़ रही है और रोजाना 8 से 10 रजिस्ट्री होने लगी हैं। विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में रजिस्ट्री की संख्या और बढ़ेगी तथा व्यवस्था सामान्य हो जाएगी।

बिहार दस्तावेज नवीस संघ पूर्वी चंपारण के प्रांतीय संगठन मंत्री महेशकुमार ने कहा कि- ”हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के कारण पूरी स्थिति 11 सितंबर के बाद स्पष्ट होने की संभावना है। सरकार के जवाब दिए जाने के बाद कोर्ट के आदेश के अनुसार आगे की रणनीति बनाया जाएगा।”































