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SC ने पानीपत जिले के बुआना लाखू ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव की मतगणना कराई

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी आंखों से देखा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए नतीजे को बदला जा सकता है। अदालत ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए हरियाणा के पानीपत जिले के बुआना लाखू गांव में हुए सरपंच चुनाव में EVM और अन्य चुनावी रिकॉर्ड को अपने परिसर में मंगवाकर वोटों की पुनर्गणना (रीकाउंटिंग) का आदेश दिया। इस रीकाउंटिंग का परिणाम यह हुआ कि चुनाव का नतीजा पलट गया।

2022 में इस चुनाव के नतीजे घोषित किए गए थे लेकिन मोहित कुमार ने नतीजों को चुनौती दी थी

मोहित कुमार 2022 के सरपंच चुनाव में कुलदीप सिंह से हार गए। इवीएम से हुए चुनाव को उन्होंने चुनौती दी थी. लेकिन हाई कोर्ट ने दोबारा गिनती से इनकार कर दिया जिसके बाद मामला उच्चतम न्यायालय तक गया। सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्गणना का आदेश दिया और मोहित कुमार ने जीत हासिल की।

भारत के चुनावी इतिहास में यह पहला मामला माना जा रहा है जिसके इवीएम की गिनती को चुनौती दी गई और मामला उलट गया। अब इसे लेकर सियासी भी गरम है। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग को घेरा है।पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 1 जुलाई को इस आदेश को रद्द कर दिया।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 1 जुलाई को इस आदेश को रद्द कर दिया था

दरअसल, दो वर्ष 10 माह पूर्व हुए सरपंच के चुनाव के परिणाम को सुप्रीम कोर्ट की तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ ने बदल दिया है। यह मामला हरियाणा के पानीपत ज़िले की बुआना लाखू ग्राम पंचायत में सरपंच पद के चुनाव का है। यह मामला 2 नवंबर, 2022 को हुए चुनाव से शुरू हुआ था, जिसमें कुलदीप सिंह को विजेता घोषित किया गया था।

हार के बाद मोहित कुमार ने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ प्रभाग)-सह-चुनाव न्यायाधिकरण, पानीपत के समक्ष याचिका दायर की थी। न्यायाधिकरण ने 22 अप्रैल, 2025 को बूथ संख्या 69 की पुनर्गणना का आदेश दिया था, जो 7 मई को उपायुक्त द्वारा होनी थी। हालांकि, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 1 जुलाई को इस आदेश को रद्द कर दिया।

पुनर्गणना के बाद नतीजे पलट गए और मोहित कुमार को निर्वाचित सरपंच घोषित कर दिया

इसके बाद मोहित कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। शीर्ष अदालत ने 31 जुलाई को आदेश दिया कि सभी ईवीएम और चुनावी रिकॉर्ड कोर्ट परिसर में लाए जाएं और रजिस्ट्रार की निगरानी में पुनर्गणना की जाए। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाए और दोनों पक्षों के प्रतिनिधि मौजूद रहें।

6 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त ओएसडी (रजिस्ट्रार) कावेरी की निगरानी में बूथ संख्या 65 से 70 तक की पुनर्गणना की गई। रिपोर्ट में सामने आया कि कुल 3,767 मतों में से मोहित कुमार को 1,051 वोट मिले, जबकि कुलदीप सिंह को 1,000 वोट प्राप्त हुए। 11 अगस्त को न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने इस रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए कहा कि मोहित कुमार ही वास्तविक विजेता हैं।