
राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने दावा किया है कि इंडिया गठबंधन में शामिल दल गोलबंद होकर आने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से हटा देंगे। बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में 3 मार्च को हुई रैली में लालू यादव ने कहा, “गठबंधन के साथी गोलबंद होकर इन्हें विदा करेंगे।”
विपक्षी दलों की रैली को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी संबोधित किया। विपक्ष के सभी नेताओं ने बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला।

‘मर मिटने को तैयार’
रैली में तेजस्वी यादव ने कहा, “जहां तक मेरी नज़र जा रही है केवल लोग ही लोग नज़र आ रहे हैं, दस लाख से ज़्यादा लोग आ गए हैं। 3500 किलोमीटर की हम लोगों ने दस दिन में यात्रा की और पूरा बिहार घूमने का काम किया। आप सभी को पटना आमंत्रित किया था, इतनी बड़ी संख्या में आप लोग आए हैं, आज रिकॉर्ड टूटा है। “
17 महीने की महागठबंधन सरकार के कामों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “यही गांधी मैदान है, यहां राजनैतिक रैलियां तो होती थी, लेकिन जब तेजस्वी 17 महीने सरकार में था तब नौकरियों का भी रैला यहां हुआ था। यहीं से दो लाख लोगों को नियुक्ति पत्र हमने बंटवाया था।”

तेजस्वी यादव ने चुनाव में दस लाख नौकरियां देने का वादा किया था
इसकी याद दिलाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “रोज़गार मेला और रोज़गार रैली हमने इसी धरती पर की है। हम आपसे पूछना चाहते हैं, सबसे पहली बार आपने किसके मुंह से सुना था दस लाख नौकरी का। पटना में, बिहार में पोस्टर लगवा रहे हैं नीतीश कुमार जी, हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन पोस्टर लगवा रहे हैं कि रोज़गार मतलब नीतीश कुमार।”
तेजस्वी यादव ने कहा, “जब 2020 में हमने वादा किया था कि दस लाख नौकरियों का तब इन्हीं नीतीश कुमार ने कहा था कि कहां से लाएगा पैसा, अपने बाप के पास से लाकर वेतन बांटेगा। हमने दिखाया है कि संभव है, जो उसी मुख्यमंत्री से 17 साल में नहीं हुआ उन्हीं के हाथों 17 महीनों में इसी गांधी मैदान में हमने नियुक्ति पत्र बंटवाए।”
तेजस्वी यादव ने कहा, “महागठबंधन के साथियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी हमारा साथ दिया। इन 17 महीनों में हमने जाति आधारित जनगणना कराई, आरक्षण को 75 प्रतिशत तक किया, हमने दलितों के लिए आदिवासियों के लिए आरक्षण बढ़ाया. जिस काम को आज़ादी से आज तक किसी सरकार ने नहीं किया था उसे हमने केवल 17 महीनों में कर दिखाया।”

तेजस्वी ने कहा, “कितना भी दबाएंगे, तेजस्वी खड़ा है आपके साथ, आपको आपका अधिकार दिलाकर रखेगा। अगर आप साथ दोगे तो तेजस्वी आपके लिए मर मिटने को तैयार है।” ‘लालू नहीं डरे, बेटा भी नहीं डरेगा’ राष्ट्रीय जनता दल को मुसलमानों और यादवों की पार्टी बताने वालों को बी तेजस्वी यादव ने जवाब दिया।
उन्होंने कहा, “कुछ लोग कहते हैं कि माई की पार्टी है, मुसलमान यादव की पार्टी है, हम कहना चाहते हैं कि ये माई-बाप की पार्टी है। बी से बहुजन, ए से अगड़ा, दूसरे ए से आधी आबादी यानी महिला और पी से पुअर यानी ग़रीब। ये माई-बाप की पार्टी है, ये ए टू ज़ेड सबकी पार्टी है। ”
तेजस्वी यादव ने कहा, “आरजेडी का मतलब मोदी जी कुछ भी कहते रहे हैं लेकिन आरजेडी का मतलब है आर यानी राइट्स यानी अधिकार, जे से जॉब्स और डी से डेवलपमेंट। आरजेडी का मतलब है राइट्स, जॉब्स और डेवलपमेंट।” हाल के दिनों में आरजेडी के कई विधायकों ने पार्टी का साथ छोड़ा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्हें किसी नेता के जाने से फ़र्क नहीं पड़ता है।

तेजस्वी यादव ने कहा, “कुछ विधायक इधर से उधर कर दें, कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। लेकिन जनता को कहां से ख़रीदेंगे, जनता जवाब देगी। हमारे पिता ना कभी डरे ना कभी झुके। जब लालू जी नहीं डरे तब उनका बेटा डरेगा? लड़ेगे आख़िरी सांस तक. ये विचारधारा की लड़ाई है।” तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर एजेंसियों का इस्तेमाल करने और विपक्ष के नेताओं को डराने के आरोप भी लगाये।
उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में गठबंधन हुआ, तुरंत सीबीआई के लोग हमारे भाई के पास आ गए, अखिलेश जी को समन भेज दिया। हमारे तो पूरे परिवार को समन भेजा ही, लेकिन हम लोग डरने वाले लोग नहीं है। हम ना डरेंगे ना झुकेंगे, जनता की लड़ाई में जनता के साथ खड़े रहेंगे।”

तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा
उन्होंने कहा, “बड़े से बड़ा भ्रष्टाचारी बीजेपी में जाता है तो धुल जाता है. लेकिन बीजेपी वॉशिंग मशीन के साथ-साथ डस्टबिन वाली पार्टी हो गई है. कूड़ादान हो गई है जिसमें राजनीति का सभी कचरा जा रहा है। सभी पार्टी का कूड़ा बीजेपी में चला जा रहा है।”
तेजस्वी यादव ने कई बार बिहार के मुख्यमंत्री जदयू के प्रमुख नीतीश कुमार पर निशाना साधा
तेजस्वी ने कहा, “आप सब लोग जानते हैं चाचा जी पलट गए, लेकिन पलट गए तो जहां भी रहें सुखी हैं. हमारे चाचा तो पलटी मारते ही हैं, लेकिन सम्राट चौधरी भी कम नहीं है, पांच-पांच बार पार्टी बदलते हैं. मोदी जी कह रहे थे कि मोदी की मज़बूत गारंटी है। मोदी जी हमारे चाचा का गारंटी लेकर दिखाओ, कोई हमारे चाचा का गारंटी ले सकता है क्या।”
तेजस्वी यादव ने कहा, “जब चाचा बोल रहे हैं थे कि हम अब कहीं नहीं जाएंगे, जीवन भर यहीं रहेंगे, तब मोदी जी हंस रहे थे, मोदी जी क्यों हंस रहे थे। अरे चाचा जी, आप बुज़ुर्ग हैं, आपको यहीं से हाथ जोड़कर प्रणाम। लेकिन एक बात कहेंगे, जदयू 2024 में ख़त्म हो जाएगी।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार में दो राजनैतिक रैलियों को संबोधित किया और राजद पर निशाना साधा था
गांधी मैदान से पीएम मोदी को जवाब देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “मोदी जी आये थे कल यहां, क्या बोलकर गए, वही जुमला, झूठ प्रचा। मोदी जी झूठ बोलने की फैक्ट्री हैं. आप लोगों ने पिछली बार 40 में से 39 एमपी बीजेपी को जिताया. भाजपा के सांसदों से पूछना कि उनके ज़िले में भाजपा के लोगों ने क्या किया। क्या मोदी ने कोई कारखाना दिया, कोई नौकरी दी, पलायन रोका, ग़रीबी मिटाई, महंगाई ख़त्म की। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना था, वो भी नहीं दे पाये। आप कहते थे कि दो करोड़ रोज़गार देंगे, पंद्रह लाख रुपये खाता में देंगे, क्या हुआ।”
लालू ने मानसिक गुलामी से मुक्ति दिलाई
तेजस्वी यादव ने कहा, “भाजपा के लोग गोबर को भी गाजर का हलवा बताकर परोस देते हैं। कल आए थे प्रधानमंत्री जी, बोल रहे थे हमारे पिता के बारे में, हमको बोले-अपने पिता का नाम क्यों नहीं लेता है, अपने पिता का काम क्यों नहीं गिनाता है?”
तेजस्वी यादव ने जवाब देते हुए कहा, “मोदी जी, कान खोलकर सुनिए, इसी बिहार की धरती से हम बोल रहे हैं। कल आपने बोला, उसका जवाब देने आए हैं। चश्मा साफ़ कर लीजिए, खोलकर ये नज़ारा देखो। मोदी जी, ज़रा बताइये, यूपीए कार्यकाल में 90 हज़ार करोड़ का फ़ायदा रेलवे को हुआ था, आज तक रेलवे को मुनाफ़ा नहीं हुआ था। लालू जी ने 90 हज़ार करोड़ का मुनाफ़ा रेलवे को दिया. थोड़ा आप बता दें आपने जनता को, रेलवे को कोई मुनाफ़ा दिया या पूंजीपति को दिया?”
तेजस्वी यादव ने कहा, “मानसिक गुलामी से मुक्ति लालू यादव ने दिलाई। बिहार में ग़रीबों को उनका हक़ दिया। सामाजिक न्याय करके दिखाया। 1990 के बाद आज कोई भी ग़रीब अपने अधिकार के लिए लड़ना जानता है, पिछड़ा लड़ना जानता है, दलित लड़ना जानता है, अल्पसंख्यक भाई लड़ना जानते हैं, ये लालू ने दिया है।”